राजधानी खबर/रायसेन शहर सहित जिले में सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आलम यह है कि पिछले तीन सालों के भीतर पांच गुना से भी ज्यादा बढ़ोत्तरी हो गई है। इसके बावजूद विभाग व जिला स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार इस मामले में पूरी तरह सेउदासीन बने हए हैं। दरअसल वर्ष 201516 में सर्पदंश के जहां रायसेन जिले में सिर्फ 48 मामले सामने आए थे। लेकिन वर्ष 2017-18 से लेकर 2019 में अगस्त महीने के 11 तारीख तक यानि 274 केस से भी ज्यादा सर्पदंश के सामने आ चुके हैं। आंकड़े जिला स्वास्थ्य विभाग और वन विभाग में रिकार्ड में भी दर्ज हैं। जारी वर्ष में रायसेन जिले में अभी तक 89 से ज्यादा लोग सांप के काटे जाने से दम तोड़ चुके हैं। अगर सरकारी अस्पतालों के आंकड़ों के अलावा निजी अस्पतालों के आंकड़े भी जोडे जाएं। तो स्थिति काफी भयावह नजर आएगी। नगरपालिका परिषद रायसेन वन विभाग रायसेन की रेस्क्यू टीम में एक भी विशेषज्ञ नहीं है। हां,गोपालपुर निवासी कैलाश राजगौंड आदिवासी सर्प विशेषज्ञ है। यदि नगरपालिका परिषद अगर चाहे तो उसकी सेवाएं जरूर ले सकती है। कैलाश राजगौंड आदिवासी पलक झपकते ही जहरीले सांपों नागिन,गोहेरा को अपने वश में करने में माहिर कैलाश राजगौंड का मोबाइल नंबर-9584870792 घर में जहीरीले सांप के अचानक घुस आने पर घबराएं नहीं आप जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी में उसे कॉल बुलवा भी सकते हैं।
तीन साल में 5 गुना बढ़े सर्पदंश के मामले, विभाग बना खामोश
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